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JAY.. JAY…

सौभाग्य कुदरत का एक अनुपम उपहार है, जो अत्यंत रहस्यमय है तथा उतना ही रोचक भी।

अक्सर सौभाग्य को बस “सदभाग्य Good Luck या अच्छा नसीब” भर ही समजा जाता रहा है, यानी कि दुर्भाग्य का विपरीत जब की सौभाग्य तो सद असद, अच्छे बुरे से कहीं परे है।

वास्तव में; सौभाग्य ऐसा अद्भुत अवसर है जिसके उचित उपयोग से हम सदभाग्य एवं दुर्भाग्य Good Luck & Bad Luck के चक्रव्यूह से ही स्वतंत्र हो सकते है।

सदभाग्य और दुर्भाग्य तो जो कर्तव्यहीन, जड़, आलसी है या अपने कर्तव्य से विमुख है उन पर ज्यादा हावी होता है, उन्हें जकड़े रखता है। और जो अपने कर्तव्य का पालन करते है उन पर भाग्य, नसीब या luck हावी नहीं हो पाता।

तभी तो अपने कर्तव्य का पालन करने वाला सौभाग्य अवसर का लाभ पा कर भाग्यचक्र का अतिक्रमण कर सकता है, wheel of fortune के बंधन से परे हो सकता है।

यहाँ इष्ट जीवन मंच के सदस्यों ने स्वानुभव से “कर्तव्य पालन, सौभाग्य अवसर तथा भाग्यचक्र अतिक्रमण” के इस प्रमेय को यथार्थ जाना है। ऐसे अनुभव के आनंद को पाने हेतु आपका https://jayjay.co.in/ website पर सहर्ष स्वागत है।

किसी के लिए भी अनुभव से ही यह तत्व सिद्ध होता है की, “जो अपने कर्तव्य का पालन करते हैं, सौभाग्य स्वयमेव सामने से उनका वरन करता है।” 

मुंशी प्रेमचंद; भारतीय उपमहाद्वीप के सबसे यशस्वी लेखकों में जिनकी गणना होती है। जो हिन्दी और उर्दू के सर्वाधिक लोकप्रिय उपन्यासकार, कहानीकार एवं विचारक थे। उनका यह अनुभव कथन कुदरत के इस अटल नियम का बोध करता है। 

“सौभाग्य उन्हीं को प्राप्त होता है, जो अपने कर्तव्य पथ पर अविचल रहते हैं।”

लॉकडाउन के अपने कर्तव्य पालन से ही तो; हममें से कई लोगों ने अपने इस जनम में शायद पहली बार पाया है :

🔷🔵🔷 परिवार प्रेम का सौभाग्य।
🔷🔵🔷  प्रदूषण प्रस्थान का सौभाग्य।
🔷🔵🔷 भाग दौड़ से छुटकारे का सौभाग्य।
🔷🔵🔷 Warriors को विशेष सन्मान wish करने का सौभाग्य।
🔷🔵🔷 आत्मचिंतन, आत्ममंथन, आत्म विश्लेषण you can say self scanning का सौभाग्य।
🔷🔵🔷 अपनी hobbies को पूरा कर पाने का सौभाग्य।
🔷🔵🔷 समय स्तंभन जैसी स्थिति की अनुभूति का सौभाग्य।

इस लॉकडाउन से आपने भी कोई न कोई प्रकार से सौभाग्य पाया ही होगा !

कृपया आप अपना अनुभव आप ही की शैली में यहाँ अवश्य share करे,

जो इस मंच पर जुड़े हुए कई सहभागियों के लिए प्रेरणा रूपी सौभाग्य हो सकता है!

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