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Sharing is Caring | शैरिंग इस कैरिंग

जय.. जय…

‘सुख बांटने से बढ़ता है, दुःख बांटने से घटता है’।

प्रक्रिया तो वही की वही है बांटना – वितरण करना (Sharing) लेकिन परिणाम बदल जाते हैं, कुदरत की ये कैसी अद्भुत लीला है !

इसे सिद्धांत कहें या चमत्कार लेकिन हर बार यह सत्य प्रतीत होता है की :

जितना विस्मयकारी (amazing) उतना ही अटल यह क्रम,
बांटने से बढ़ती रहती ख़ुशियाँ, कम होते ग़म !

गणित के सारे ‘गुणा तथा भाग के नियम’ (Rules of multiplication and division) एक तरफ और मानवता का यह दिव्य परिणाम एक तरफ।

तटस्थता पूर्वक अवलोकन करने पर यह प्रतीत होता है की :

  • जब कोई अपना दुःख, दर्द या ग़म अन्य किसी के साथ साझा करता है, तब वह खुद को हल्का महसूस कर भी सकता है और शायद नहीं भी।
  • लेकिन जब जब भी कोई अपने परिणामों के फल या आनंद के पल औरों के साथ बांटता है तब तब दोनों ही पक्ष सुख का अधिक अनुभव अवश्य करते हैं।

अपनी उपलब्धि का लाभ अन्य को भी मिले इसे ही परापूर्व से सफलता की धन्यता मानी  जाती रही है।

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मधुबन खुशबू देता है, सागर सावन देता है।
जीना उसका जीना है, जो औरों को जीवन देता है।    

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यह तो स्वयं प्रमाणित (Self proven) है की मानवीय सभ्यता इस सकल प्रकृति व्यवस्था का अविभाज्य अंग है और ‘Sharing is Caring’ मानव समाज की सर्वोपरि लाक्षणिकता है।

वैदिक काल से अब तक :

  • ऋषि – मुनि, संत – ज्ञानी, यती – सती, गृहस्थ – साधु, राजा – महाराजा, कलाकार – साहित्यकार, सिपाही – किसान, व्यापारी – उद्योगी, शिक्षक – प्रशिक्षक, विद्वान – गुणी, संपन्न – धनि, आविष्कारक – वैज्ञानिक, इंजीनियर – श्रमिक, उपचारक – विचारक ऐसे जो भी कोई 

जीवन को सर्वसंभव प्रकारेण अधिक से अधिक प्रियकर एवं श्रेयस्कर तरीके से जीने के लिए अपनी अपनी उपलब्धियों से यथाशक्ति अन्य को भी लाभान्वित कर रहे हैं; इसी से तो ‘इष्ट जीवन यापन’ साकार हो रहा है।

जो भी जन अपने तथा अन्य के ‘इष्ट जीवन यापन’ हेतु जागृत, जिम्मेदार एवं कर्तव्य परायण है; वही वास्तव में ‘इष्ट जीवन अभिलाषी’ है।

इसीलिए ‘इष्ट जीवन मंच’ मानवता के इस आधारभूत गुण-धर्म Sharing is Caring को जीने वाले ‘इष्ट जीवन अभिलाषी’ को समाज के शिष्ट विशिष्ट सदस्य स्वीकार कर रहा है। और सही मायने में ‘इष्ट जीवन अभिलाषी’ ही तो समाज के trendsetter (अगुआ) है।

‘इष्ट जीवन मंच’ के समर्पित सदस्य तथा ‘इष्ट जीवन अभिलाषी’ जीवन यापन के ‘इष्ट लक्षित दृष्टिकोण’ को यथायोग्य रूप में समझ सकें इसी उद्देश्य से जगाई गई है यहाँ ‘इष्ट जीवन ज्योत’।

‘इष्ट जीवन संचार’ की आने वाली अगली कड़ी में जानेंगे ‘इष्ट जीवन ज्योत’ की विशेषता, आवश्यकता तथा महत्ता  के बारे में।

जय.. जय…

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8 Comments

  1. Madhu Vyas

    Very well said Samirbhai. As usual your words have depth of deep knowledge you have. Awesome. My Good wishes.

  2. Gunvant shah*

    What a useful & wonderful જ્ઞાન to live better life

    Thanks.

  3. NITESH JOSHI

    Well said Keep going…
    In today’s world everyone wants to be always happy. And with sharing, bonding among us will improve and being us together.

  4. Kiranba Raul

    Very awesome and affirmative thought. 👏👏👏👍👍👌👌🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼

  5. Kailash patel

    Jai Jai well said ISHT MANCH sharing is caring n thanks for motivating in this tough time god bless

  6. Hemanshu vora

    Very well written and said sameerbhai…..you are really doing this in your life and many of us are really benefitted …We are also inspired to share whatever we can in our life ……

  7. Neha

    It is very true sharing is carring . It my personal experience .
    As a healers, vitalization fecileters, a spiritual life coach we all r practiceing one fundamental this also sharing is a real carring

    Love and lights
    Neh

  8. HEMLATA SHUKLA

    What a caring by sharing of so common truth beautifully in the Sunday morning !
    I will be eagerly waiting for such repetitions in the coming Sunday mornings…
    Thanks…

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