‘इष्ट’

“ISHT” What is Isht? क्या है इष्ट ?

जय.. जय…

‘इष्ट’ :

‘एही’ साधे सब सधै !

चाहने योग्य, जिसकी इच्छा करनी चाहिए ऐसा, वांछनीय अर्थात ‘इष्ट’।

जो भाता हो, सुहाता हो, पसंद हो वह आकर्षित करता है, या उसके प्रति आकर्षण स्वाभाविकतया हो ही जाता है।

जो लाभदायक हो, गुणकारी हो हितकारी हो उसे अपनाया जाता है, अवश्य ही अपनाया जाता है।

और यदि जो पसंद भी हो एवं हितकारी भी हो अर्थात प्रियकर भी हो श्रेयस्कर भी हो तो…?

जी हाँ यही तो है ‘इष्ट’ जिसमें प्रेयस् एवं श्रेयस्, उभय अंतर्निहित है दोनों ही समाहित है !!!

जो भाता, सुहाता भी है तथा लाभदायक, गुणकारी भी है वही तो ‘इष्ट’ है।  

हम सब इष्ट ही चाहते हैं।

हम इष्ट को ही चुनते हैं, इष्ट को ही प्राधान्य देते हैं, इष्ट हेतु ही प्रयत्नशील हैं.. जाने अनजाने !

भले ही प्रत्यक्ष रूप से ऐसा प्रतीत होता हो की; व्यक्ति इन तीनों में से ही कोई परिणाम की प्राप्ति हेतु प्रयत्न कर रहे हैं :

  1. समस्या, तकलीफ़ या परेशानी को दूर करने हेतु 
  2. आम आवश्यकताओं – ज़रूरतों को पूरा करने हेतु
  3. कोई विशेष स्वप्न – ध्येय – महत्वाकांक्षा को साकार करने हेतु

किंतु वास्तव में तो व्यक्ति जो कुछ भी कर रहा हैं, इष्ट को उपलब्ध होने हेतु ही करता है।

एक तरफ जहां व्यावहारिक जीवन में आज तक हुए अनेक अन्यतम आविष्कार की प्रमुख वजह जिज्ञासा ही रही है,  

वहीं दूसरी तरफ आध्यात्मिक जीवन में नाना प्रकार की गहन अनुभूतियों में जिज्ञासा महत्वपूर्ण प्रेरक है । 

इससे ही तत्वतः सिद्ध होता है की ‘खोज की वास्तविक जननी है जिज्ञासा’ । 

विवेक ज्योत के जगने पर हर किसी को यह अपने आप ही ज्ञात हो जाता है।

“इष्ट को उपलब्ध होने पर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जीवन की तमाम उपलब्धियां स्वतः ही उपलब्ध हो जाति है, चाहे व्यावहारिक हो या आध्यात्मिक !”

 

 

क्योंकि ‘इष्ट’ ही जीवन का मूलभूत आशय है, केंद्रीय प्रयोजन है, सर्वोपरि उद्देश्य है तथा परम भावितव्यता भी है : ‘इष्ट’।

जीवन की इसी यथार्थ नींव पर आधारित है ‘इष्ट जीवन मंच’; यहाँ पर ‘इष्ट’ को जानने, समझने एवं अपनाने के लिए प्रस्तुत है ‘इष्ट जीवन ज्योत’।

‘इष्ट जीवन संचार’ की आने वाली अगली कड़ी में जानेंगे ‘इष्ट जीवन ज्योत’ के बारे में। 

जिसमें जीवन यापन के ‘इष्ट दृष्टिकोण एवं अभिगम’ को सुचारु रूप से उजागर करने का प्रयास हुआ है।

जय.. जय…

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12 Comments

  1. Darshan Joshi

    First of all great initiative of Isht Manch to share devine and spiritual thoughts.

    Jai jai

  2. Yogesh

    Jay jay

    Desirable life we all want.

    We are curious to know how

    Our life becomes blessfull

    😊😊😊

  3. Jyotsanaa

    Jay jay

    Iss lekh me ek Pravah hai jo isht jeevan ki paribhasha ko bahut sundar avam saral maadhyam se prastut karta hai.
    Isht kya hai yeh sochne ke liye prarit karta hai
    Aabhar 🙏🙏

  4. Kailash patel

    Jai Jai thanks for giving us good guidance in this tough time n v hope ISHT MANCH will always give us a path god bless

  5. Nishit P

    Superb Initiative in these troubled times. Many congratulations to you.

  6. Ramesh.G.Chavda

    I appreciate start of ISHT MANCH.We are eager to listen second session as early as possible. I want to know that what we should do as a human being so that our ISHT get us bless.Jay Jay.

  7. Madhu Vyas

    ऊमदा लेख उत्म और गहन चिंतन. धन्यवाद और शुभेच्छा सह… जय जय

  8. Nisha

    Very beautiful. Thank you so much

  9. Kiranba Raul

    જય જય ઈષ્ટ જીવન પર આધારિત આ માહિતી બધાને ખૂબજ ઉપયોગી છે. 👌🙏🏼🙏🏼❤️❤️

  10. Sankalp G Adalja

    Nice Information..Jai Jai

  11. Dada Saheb

    प्रिय मित्र

    जय जय

    आपको इष्ट जीवन मंच की रचना हेतु खूब खूब अभिनन्दन।

    वर्तमान समय मे लगभग हर मानव कहिन कहि अपनी इच्छा को पूर्ण करने हेतु प्रुवतित होता है एवम् पूर्ण न होने पर हताश भी होता है, आपके इस मंच द्वारा मानव अपने सामर्थ्य कि पहचान कर सके एवम् अपने जीवन में खुशियां पाए जिससे वह अपने और अन्य को आंनद में रख सके जो कि हर जीव का अंतिम उद्देश्य होता है।

    आपका यह प्रयास अदभुत है।

  12. Gunvant shah*

    Jay jay.
    Thanks for your Golden advice though Isat manch

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